प्लाज्मा थेरेपी को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी अहम जानकारी, कहा- ‘कोरोना के लिए थेरेपी…’

by vibha
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पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर जारी है.देश में महामारी कोरोना वायरस से संकट दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. अब तक कोरोना वायरस से मरीजों की संख्या 28000 के पार पहुंच चुकी है. वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक देश में इसके 28892 केस सामने आ चुके हैं. साथ ही 886 लोगों की इससे मौत हो चुकी है. इसमें से 6868 लोगों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चुका है.

अब सवाल है कि क्या कोरोना वायरस संक्रमितों का इलाज प्लाज्मा थेरेपी से किया जा सकता है? इसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि प्लाज्मा थेरेपी को लेकर को मान्य थ्योरी अभी नहीं है. इसको लेकर अभी रिसर्च किया जा रहा है. प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल अगर गाइडलाइन के मुताबिक नहीं किया गया तो यह जान पर भी खतरा बन सकता है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, ”प्लाज्मा थेरेपी पर काफी चर्चा हो रही है. COVID 19 के लिए देश में क्या दुनिया भर में कोई अप्रूव थेरेपी नहीं है. प्लाज्मा थेरेपी प्रायोगिक चरण में है, लेकिन अभी यह दावा करने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल कोविड-19 के इलाज के तौर पर किया जा सकता है . ICMR इसको लेकर स्टडी कर रही है. इसलिए जरूरी है कि जब तक ICMR स्टडी पूरा नहीं कर ले, तब तक इसका प्रयोग रिसर्च या ट्रायल के लिए ही करें. प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल अगर गाइडलाइन्स के मुताबिक नहीं करते हैं तो यह जान पर भी खतरा पैदा कर सकता है.” उन्होंने कहा, ”जब तक आईसीएमआर इसका सर्टिफिकेशन नहीं करता है तब तक इस थेरेपी का उपयोग गैर कानूनी है. इसको प्रयोग के तौर पर तो इस्तेमाल हो सकता है लेकिन उपचार के तौर पर नहीं.”

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