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देश में महामारी कोरोना वायरस से संकट दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. अब तक कोरोना वायरस से मरीजों की संख्या 27000 के पार पहुंच चुकी है. वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक देश में इसके 27892 केस सामने आ चुके हैं. साथ ही 872 लोगों की इससे मौत हो चुकी है. इसमें से 6184 लोगों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चुका है. आपको बता दें कि देश में अभी लॉकडाउन का दूसरा चरण चल रहा है और इसे 3 मई के बाद आगे बढ़ाया जाये या नहीं, इस पर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ मंथन किया.

पीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्रियों ने अपनी-अपनी राय रखी. इस दौरान मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने भी लॉकडाउन पर पीएम मोदी को अपने विचार बताये. कोनराड संगमा ने बताया कि हम चाहते हैं मेघालय में 3 मई के बाद भी लॉकडाउन जारी रहे ताकि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोका जा सके. हालांकि, संगमा ने ये भी कहा कि जो इलाके ग्रीन जोन में हैं या जो जिले कोरोना प्रभावित नहीं हैं वहां बाद में थोड़ी राहत दी जाये.

दिलचस्प बात ये है कि मेघालय देश का वो राज्य जो कोरोना मरीजों की संख्या के मामले में काफी नीचे है यानी मेघालय की स्थिति काफी बेहतर है. मेघालय में 26 अप्रैल शाम 5 बजे तक कोरोना मरीजों की संख्या महज 12 थी, जबकि यहां कोरोना से एक शख्स की मौत हुई है. मेघालय के नीचे गोवा, पुडुचेरी, मणिपुर, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम ही ऐसे छोटे राज्य हैं जहां कोरोना का असर सबसे कम है. बावजूद इसके मेघालय के सीएम कोरोना का प्रसार रोकने के लिये लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में हैं. मेघालय के अलावा ओडिशा ने भी लॉकडाउन बढ़ाने पर सहमति जताई है. हालांकि, केंद्र सरकार ने फिलहाल इस पूरे मसले पर कुछ फैसला नहीं लिया है

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उत्तर कोरिया के तानाशाह शासक किम जोंग उन की सेहत को लेकर बीते कुछ दिनों से हर दिन एक नई खबर सामने आ रही हैं. कोई किम जोंग की हालत को गंभीर बता रहा है तो कोई उन्हें स्वस्थ बता रहा है. काफी लंबे समय से उन्हें देखा नहीं गया है. आखिरी बार किम 11 अप्रैल को पब्लिक में देखे गए थे.

इस बीच कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं हालांकि एक पूर्व उत्तर कोरियाई अधिकारी ने अब इस किम को लेकर नया दावा किया है. दरअसल पूर्व उत्तर कोरियाई अधिकारी ने दावा किया है कि किम जोन उंग मिसाइल टेस्‍ट के दौरान घायल हो गए थे और इसी वजह से वो दिखाई नहीं दे रहे हैं. यह जानकारी ली जिओंग हो ने दी है. वो किम जोंग उन की वर्कस पार्टी के एक अधिकारी हैं. उन्होंने एक दक्षिण कोरिया के समाचार पत्र में लिखा कि किम जोंग उन 14 अप्रैल तक स्‍वस्‍थ थे और उन्‍होंने मिसाइल टेस्‍ट का आदेश दिया था. संभवत: इसी दौरान वो घायल हो गए और इसी वजह से दिखाई नहीं दे रहे हैं.

ली जिओंग हो ने अपने दावे में कहा है कि वैसे तो किम मिसाइल टेस्ट में खुद मौजूद नहीं थे लेकिन उस मिसायल टेस्ट का कोई वीडियो जारी नहीं करने के कारण ऐसा लग रहा है कि मिसाइल के मलबे या आग से किम के साथ कोई दुर्घटना हुई है. इसके साथ ही हो ने उन सभी दावों को खारिज किया जो इस वक्त किम को लेकर किया जा रहा है. ऐसा ही एख दावा उनके ब्रैन डेड होने का है. किम के कई दिनों से दिखाई न देने के कारण कई देशों में किम को लेकर कहा जा रहा है कि उनकी हालत नाजुक है. साथ ही कई रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि किम जोंग उन कोरोना वायरस से डर गए हैं और इस महामारी से बचने के लिए कहीं छिप गए हैं.

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कोरोना का डर हम सबके अंदर घर कर गया है. पूरी दुनिया में कोरोना वायरस कोहराम मचा रहा है. लोग कोरोना से दहशत में हैं. कोरोना की उत्पत्ति चमगादड़ से हुई है. ऐसे में अब हर कोई चमगादड़ को देख या उसके नाम सुनकर सतर्क हो जाता है. बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने चमगादड़ से जुड़ी अघटना के बार में जिक्र करते हुए सोशल मीडिया पर एक बात सामझा की है.

आप सबको तो पता ही होगा कि बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर कितने सक्रिय रहते हैं. इसके माध्यम से वो अपने प्रशंसकों संग हमेशा जुड़े रहते हैं. जानकारी के लिए बता दें कि अमिताभ उन सितारों में से हैं, जो इस मंच के सहारे अपनी दैनिक व पेशेवर जिंदगी से जुड़ी कई बातें यूजर्स संग साझा करते हैं.

बताते चलें कि हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक चमगादड़ के उनके कमरे में घुसने की बात की जानकारी लोगों को दी. अपनी एक तस्वीर के साथ कैप्शन में उन्होंने लिखा, “ब्रेकिंग न्यूज!!! इस घंटे की बड़ी खबर..एक चमगादड़, हां एक चमगादड़ अभी-अभी मेरे कमरे में घुस आया. जलसा के तीसरे माले पर.. जहां हम सभी बैठकर गपशप कर रहे थे.. इससे पहले इस इलाके या मेरे घर या कमरे में पहले कभी नहीं देखा!!! और हमारा ही घर मिला उसे! कोरोना तो पीछा छोड़ ही नहीं रहा! उड़ उड़ के आ रहा है, कमबख्त!!!”

अमिताभ बच्चन के इस पोस्ट के बाद उनके प्रशंसकों के साथ साथ बॉलीवुड के कई कलाकारों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी हैं. आपको बता दें कि अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने लिखा, “हे भगवान!!!” अहाना कुमरा लिखती हैं, “हे ईश्वर! कृपया सावधानी से रहिए!!!” अभिनेता रोहित रॉय ने लिखा, “यह खतरनाक है!!!”

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कोरोना का कहर देश में दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में आज दिल्ली पुलिस ने अपने ही महकमे की एक महिला हवलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. जानकारी के लिए आपको बता दें कि उन पर आरोप लगा है कि महिला हवलदार ने डॉक्टर के निर्देशों का उल्लंघन किया. इतना ही नहीं उसकी इस गंभीर लापरवाही की वजह से कई अन्य लोगों के बीच कोरोना की बीमारी फैलने का अंदेशा भी बढ़ गया है. यही वजह है कि दिल्ली पुलिस ने इस महिला हवलदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

क्या है मामला

महिला हवलदार का नाम नीलम है, जो एकता एंक्लेव पीरागढ़ी में रहती हैं. वह दिल्ली पुलिस में तैनात हैं. 10 अप्रैल को डॉक्टर ने जांच के बाद नीलम को होम क्वारंटाइन में रहने का आदेश दिया था. निर्देशों का पालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं इसे लेकर वरिष्ठ अधिकारियों ने नीलम के घर जाकर चेक करने के लिए कहा. सिपाही वीरेंद्र ने समय-समय पर जाकर नीलम के हालात जानने चाहे लेकिन वह अपने घर पर मौजूद नहीं थी. कई दिनों तक नीलम का कोई अता पता भी नहीं मिला तो पुलिसकर्मियों इसकी सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी. जिसके बाद ये निर्णय लिया गया कि नीलम के मोबाइल फोन की सीडीआर निकलवाई जाए. जब सीडीआर पुलिस के पास पहुंची और जांच की तो पुलिस को मालूम हुआ कि वह उस समय दिल्ली में नहीं बल्कि गुरुग्राम के कुकरोला पंचगांव, गुरुग्राम में थी.

यह बात सामने आने पर सभी हैरान रह गए कि दिल्ली पुलिस में ही तैनात हवलदार आखिर इतनी बड़ी लापरवाही या कहें कि गैर जिम्मेदाराना हरकत कैसे कर सकती है. जबकि उसे यह बखूबी मालूम है कि उसकी इस लापरवाही की वजह से न केवल दिल्ली के क्षेत्रों में बल्कि हरियाणा के गुरुग्राम में कोरोना फैलने का अंदेशा है. जिसके बाद इस बात को जिले के वरिष्ठ अधिकारियों व डीसीपी से भी डिस्कस किया गया. जिसमें निर्णय लिया गया कि महिला हवलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लेनी चाहिए।

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पिछले महीने की 13 तारीख़ को मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की 3 अतिरिक्त किश्तों पर रोक लगाने का फ़ैसला किया था. जानकारी के लिए बता दें कि इसमें इस साल 1 जनवरी से लागू की गई 4 फ़ीसदी की महंगाई दर भी शामिल है. कैबिनेट की मुहर के बाद इसका ऐलान किया गया था. हालांकि सरकार ने ये साफ़ किया है कर्मचारियों को वर्तमान दर के हिसाब से महंगाई भत्ता मिलता रहेगा. महंगाई भत्ते की वर्तमान दर 17 फ़ीसदी है.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अब इसी सब को लेकर सरकार के कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि इस वक्त केंद्रीय कर्मियों और सैनिकों के लिए मुश्किल पैदा करना उचित नहीं है. कांग्रेस की ओर से जारी पार्टी के सलाहकार समूह की बैठक के वीडियो के मुताबिक मनमोहन सिंह ने ये भी कहा कि कांग्रेस को इस वक्त इन सरकारी कर्मचारियों और सैनिकों के साथ खड़े रहना है. जानकारी के लिए आपको बता दें कि मनमोहन सिंह हाल ही में गठित कांग्रेस सलाहकार समूह के अध्यक्ष हैं. इस समूह की बैठक एक दिन के अंतराल पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होती है.

उन्होंने कहा, “हमें उन लोगों के साथ खड़े होना है जिनके भत्ते काटे जा रहे हैं. मेरा मानना है कि इस वक्त सरकारी कर्मचारियों और सशस्त्र बलों के लोगों के लिए मुश्किल पैदा करने की जरूरत नहीं थी.” बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ तो सेंट्रेल विस्टा परियोजना पर पैसे खर्च हो रहे हैं और दूसरी तरफ मध्य वर्ग से पैसे लिए जा रहे हैं. ऐसा नहीं है कि यह पैसा गरीबों को दिया जा रहा है. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी कहा कि सरकार को कर्मचारियों को भत्ते कम करने के बजाय सरकार को सेंट्रल विस्टा परियोजना और दूसरे गैरजरूरी खर्च रोकने चाहिए.

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कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए पूरे देश भर में पीएम मोदी की तरफ से 3 मई तक लगाए गए लॉकडाउन के बीच अलग-अलग राज्यों में मजदूर अब तक फंसे हुए हैं. जानकारी के लिए बता दें कि ये प्रवासी मजदूर लगातार अपने घर वापस जाने की मांग कर रहे हैं. राजस्थान के कोटा में फंसे बच्चों को वापस लाए जाने के बाद से ही अब ये प्रवासी मजदूरों भी अपने राज्यों में भेजे जाने की मांग कर रहे है.

इसी सब को लेकर अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार दूसरे राज्यों में 14 दिन का क्वारनटीन पूरा कर चुके मजदूरों को वापस लाने की तैयारी कर रही है. जानकारी के लिए आपको बता दें कि प्रदेश सरकार दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाएगी. योगी सरकार ने इसके लिए कार्य योजना बनाने को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार यानी की आज कोविड-19 पर हुई मीटिंग के बाद कहा कि एक कार्य योजना तैयार की जाए, जिसमें दूसरे राज्यों में फंसे हुए मजदूरों की चेकिंग और टेस्टिंग करने की योजना बने और फिर प्रदेश की सीमा में आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार उन मजदूरों को उनके जिलों तक अपनी बसों के माध्यम से पहुंचाएगी

आपको बता दें कि आजतक इस सिलसिले में एक खबर पहले ही कर चुका है. बताते चलें कि बसपा प्रमुख मायावती, सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कोटा से बच्चों को वापस लाए जाने के योगी सरकार के कदम की तारीफ की थी. साथ ही दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस लाए जाने की मांग की थी.

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तब्लीगी जमात मामले की जांच में एक नया खुलासा हुआ है. आपको बता दें कि अब तक जो भी दस्तावेज सामने आए है उनसे ये पता चला है कि तब्लीगी की तरफ से विदेशों में भी पैसा भेजा गया था. इस मामले से जुड़े दस्तावेज दिल्ली पुलिस ने ईडी को भेजें हैं. उन दस्तावेजों को देखने के बाद ईडी ने पांच लोगों से पूछताछ की है. साथ ही ईडी इस बात की भी जांच कर रहा है कि तब्लीगी जमात को मिलने वाली फंडिंग के स्रोत क्या है. वहीं मौलाना साद के करीबी लोगों से पूछताछ करने के बाद वो मौलाना से भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी करेगा.

जानकारी के लिए बताते चलें कि तब्लीगी जमात के मुख्यालय से अपराध शाखा को छापे के दौरान उर्दू में लिखे जो दस्तावेज बरामद किए गए थे. उनकी जांच के दौरान पता चला है कि मौलाना साद उनके करीबियों और तब्लीगी जमात के जरिए विदेशों में भी पैसा भेजा गया था. जांच के दौरान पता चला है कि पैसा आने जाने की गांठे कई परतों में उलझी हुई हैं. लिहाजा दिल्ली पुलिस ने यह सभी दस्तावेज प्रवर्तन निदेशालय को सौंप दिए हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने दस्तावेजों और दिल्ली पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर अब तक पांच लोगों से पूछताछ की है.

जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक जिन लोगों से पूछताछ की गई है उनमें विदेशी पैसे को भारतीय मुद्रा में बदलने वाला मनी चेंजर मौलाना साद के पैसों का हिसाब किताब रखने वाला शख्स और जमात के लोगों के टिकट बुक कराने वाला ट्रैवल एजेंट शामिल है. इन्हीं लोगों से पूछताछ के दौरान ईडी को कुछ अहम तथ्य मिले हैं.

ईडी जानना चाहती है कि
– तब्लीगी जमात के पैसे का स्रोत क्या है?
– विदेश में किन लोगों को पैसा भेजा गया?
– किसके कहने पर और किन रास्तों से भेजा गया था पैसा?
– देश में विदेशों से किन खातों में पैसा आता था?
– यह पैसा किस तरह खर्च किया जाता था?
– पैसा खर्च करने के निर्देश कौन देता था?

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बीते दिनों उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के एक इलाके में कोरोना वायरस के टेस्ट के लिए पहुंचे स्वास्थ्यकर्मियों पर कुछ लोगों की तरफ से पत्थरबाजी की गयी थी. जिसके बाद इससे कई स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गये थे. इसी सब को लेकर कंगना की बहन और मैनेजर रंगोली ने बेहद आपत्तिजनक ट्वीट्स करते हुए एक समुदाय विशेष के लोगों की तरफ से स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने को लेकर अपनी राय जाहिर करते हुए हमलावरों को ‘आतंकवादी’ करार दे दिया था.

आपको बता दें कि रंगोली ने एक ट्वीट के जरिए ऐसे हमलावरों को सरेआम गोलियों से उड़ा देने तक की बात कही थी. उनके इस ट्वीट के बाद काफी बवाल मचा था और इस हंगामे के बीच ट्वीटर ने रंगोली चंदेल का ट्वीटर हैंडल सस्पेंड कर दिया था. अपनी बहन और मैनेजर रंगोली चंदेल के विवादित ट्वीट के पक्ष में अदाकारा कंगना रनौत द्वारा हाल ही में जारी किए गए एक वीडियो बयान में की गयी ‘आपत्तिजनक’ बातों के खिलाफ मुम्बई में एक शिकायत दर्ज कराई गयी है. बताते चलें कि ये शिकायत मुम्बई के अम्बोली पुलिस स्टेशन में वकील अली काशिफ खान ने दर्ज कराई है. जानकारी के लिए बता दें कि पिछले हफ्ते वकील अली काशिफ खान ने ही रंगोली के खिलाफ भी अम्बोली पुलिस स्टेशन में ही शिकायत कराई थी.

वकील अली काशिफ खान ने एक न्यूज़ चैनल से फोन पर बात करते हुए कहा कि कंगना ने अपनी बहन रंगोली के बचाव में एक ऐसा वीडियो बनाया था, जिसकी भाषा काफी आपत्तिजनक है और उनके इस वीडियो बयान में एक समुदाय विशेष को निशाना बनाते हुए उनके लिए ‘आतंकवादी’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है. अली काशिफ खान ने कहा, “इस वीडियो में ‘एक आतंकवादी को आतंकवादी नहीं कह सकते?’ जैसे लफ्जों का इस्तेमाल किया गया है, जो एक समुदाय विशेष को बदनाम करने के अलावा जानबूझकर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की सोची-समझी कोशिश है.” वकील अली काशिफ खान ने अपनी लिखित शिकायत में कंगना रनौत के खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए 153बी, 295ए, 298 के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।

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